हाईटेंशन लाईन की चपेट में आने से युवा ने गंवाया हाथ,अघिकारी भी नहीं ले रहे सुध,विद्युत विभाग भी काट रहा कन्नी! मुख्यमंत्री सहायता कोष कब आयेगा काम?

 



बदांयू / सैदपुर/ कस्बे के गिरधरपुर मोहल्ले में हाईटेंशन लाईन की चपेट में आने से एक युवा बुरी तरह से जख्मी हो गया था,जिसे प्राथमिक उपचार के लिए कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र में भर्ती कराया गया था लेकिन गम्भीर रूप से झुलसे नौजवान को जिले के सरकारी अस्पताल में रैफर कर दिया गया था। डाक्टरों की पूरी कोशिशों के बाद भी युवा के झुलसे हुए दाहिने हाथ में सैप्टिक फैल जाने से उसका दाहिना हाथ कोहनी से काट दिया गया। जानकारी के मुताबिक कस्बे निवासी मीलाल का पुत्र ज्ञान सिंह 28 वर्ष अपने घर की छत पर किसी कार्य से गया था अचानक उसे छत के ऊपर से गुजर रही 11000 हजार वाट की हाईटेंशन लाईन ने खींच लिया जिससे युवा गम्भीर रूप से झुलस गया, गम्भीर हालत में युवा को परिजनों ने कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र में भर्ती कराया,जहां हालत में सुधार न होने के कारण स्थानीय अस्पताल के डाक्टरों ने उसे बरेली रैफर कर दिया जहां एक निजि हास्पिटल में उसका उपचार हो रहा था हालत में सुधार न होने से युुवा के परिजन उसे मुरादाबाद के एक निजि अस्पताल कासमास में ले गये कई जगह डाक्टरों के रैफर करने से समय बीतता गया जिसके चलते उसके हाथ में सैप्टिक फैल जाने से उसका दाहिना हाथ कोहनी से काटना पड़ा। आपको बता दें कि ज्ञान सिंह के तीन छोटी बेटियां हैं और वो खेतों में मजदूरी करके अपना परिवार चला रहा था लेकिन अपना दाहिना हांथ गंवा देने से अब उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि विद्युत विभाग इस तरह से होने वाले हादसों के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार है तो वहीं प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। विद्युत विभाग की दलील होती है कि लाईने पहले से थी जबकि घर बाद में बने ऐसे में भुक्त-भोगी जिम्मेदार होता है लिहाजा वो इन हादसों पर उतने संवेदनशील नहीं होते हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि जब गांव बसते हैं तो गांव का सीमांकन होता है ऐसे में उस क्षेत्रफल में आबादी का बढ़ना एक सीधी सी बात है फिर इन गांवों के बीच से गुजरने वाली हाईटेंशन लाईनों के खम्भों को सरहदी सीमा पर शिफ्ट क्यों नहीं किया जाता है। जानकारी के मुताबिक शासन-प्रशासन का कोई भी आला अघिकारी विद्युत हादसे में अपना हाथ गवां देने वाले इस युवा की सुघ लेने नहीं आया जबकि विद्युत विभाग के आला अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से कन्नी काट रहे हैं। बहरहाल अपने छोटे-छोटे बच्चों और अपनी पत्नी के भरण पोषण की चिन्ता इस युवा के सामने है लिहाजा शासन को आर्थिक सहायता के लिए आगे आना चाहिए वहीं विद्युत विभाग 40 साल पुरानी इन लाईनों को आबादी क्षेत्र से शिफ्ट करने के लिए शासन को स्टीमेट दे वरना आये दिन ऐसे ही हादसे होते रहेंगे और सरकार के साथ-साथ विभाग की भी छीछालेदर होती रहेगी। 

साभार-सैदपुर से ज़ीशान सिद्दिक़ी की रिपोर्ट