तालिबान की क्रूरता अफगान कमांडो पर की गोलियों की बारिश

 

 



अफगानिस्‍तान में तालिबानियों की हिंसा जारी है लोग डर से अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हो गए है। इसी बीच एक खौफनाक वीडियो सामने आया है जिसमें बेरहम तालिबानियों ने अफगान के सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। वीडियो के मुताबिक, अफगान  कमांडो की गोलियां खत्म हो जाती है जिसके कारण उन्हें तालिबान के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा जाता है। जैसे ही अफगान कमांडो आत्मसमर्पण करते है वैसे ही आतंकियों का समूह अल्‍लाह हू अकबर के नारे लगाकर उन पर गोलियों की बरसात करना शुरू कर देते है। बता दें कि निहत्थे अफगान सेना के 22 कमांडो की मौके पर ही मौत हो जाती है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह हत्याकांड अफगानिस्‍तान के फरयाब प्रांत के दौलताबाद में 16 जून को हुआ है।

घरों से भागने को मजबूर हुए लोग 

उत्तरी अफगानिस्तान में तालिबान की सक्रियता बढ़ने के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। इन हजारों लोगों में से ही एक है 11 या शायद 12 वर्षीय सकीना, जिसे तालिबान के उसके गांव पर कब्जा करने और स्थानीय स्कूल को जलाकर खाक करने के बाद अपने परिवार के साथ अपना घर छोड़ना पड़ा। देश के उत्तरी हिस्से में स्थित मजार-ए-शरीफ में एक चट्टान पर बने एक अस्थायी शिविर में ऐसे करीब 50 मजबूर परिवार रह रहे हैं। वे प्लास्टिक के टेंट में चिलचिलाती गर्मी में रहते हैं, जहां दोपहर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस स्थान पर एक भी पेड़ नहीं है और पूरे शिविर के लिए केवल एक शौचालय है। वह एक गंदा सा तंबू है, जो एक गड्ढे पर बना है, जिसमें से काफी दुर्गंध आती है।