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विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि कानून वापसी बिल लोकसभा में पास, राकेश टिकट बोले- आंदोलन जारी रहेगा

  विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल पास हो गया। हालांकि कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में विधेयक पर चर्चा की मांग की। इससे पहले विपक्षी सांसदों के नारेबाजी के बीच लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि क़ानून निरसन विधेयक 2021 पेश किया। राज्यसभा में भी आज ही यह बिल पेश किया जाएगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले ही तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में इस बात की घोषणा की थी। उसके बाद इसे कैबिनेट की बैठक में भी मंजूरी मिल गई थी।   टिकैत का बयान वहीं, लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल के पास हो जाने के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक एमएसपी को लेकर हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन 700 किसानों की मृत्यु हुई उनको ही इस बिल के वापस होने का श्रेय जाता है। MSP भी एक बीमारी है। सरकार व्यापारियों को फसलों की लूट की छूट देना चाहती है। आंदोलन जारी रहेगा। टिकैत ने कहा कि तीन मामलों का समाधान हो गया है अभी 1 मामला बाकी है। 1

आगरा - साढ़े नौ घंटे बाद बोरबेल से सकुशल निकला मासूम

 


 आगरा /  130 फीट गहरे बोरबेल में मासूम के गिरने के बाद सभी की सांसें अटक गई थी। मासूम 95 फीट पर बोरबेल में अटका हुआ था।कुछ घंटे में ही सेना और एनडीआरएफ के जवान फरिश्ते बनकर गांव में पहुंच गए। डेढ़ घंटे का रेस्क्यू आपरेशन मासूम के हौंसल से सफल हो गया और साढ़े नौ घंटे बाद मासूम ने खुली हवा में सांस ली। सेना की एंबुलेंस पहले से ही तैयार खड़ी थी। इससे उसे अस्पताल के लिए टीम लेकर रवाना हो गई।धरियाई गांव निवासी किसान छोटेलाल के घर के सामने ही खेतों की सिंचाई को सबमर्सिवल पिछले दिनों खराब हो गई थी। छोटेलाल ने दो दिन पहले इसमें से पाइप खिंचवा लिए थे।एक फीट की परिधि में सबमर्सिवल का 130 फीट गहरा बोरवैल है। पाइप निकालने के बाद इसे खुला छोड़ दिया। सोमवार सुबह 7.30 बजे छोटेलाल का तीन वर्षीय बेटा शिवा खेलते समय इसमें गिर गया। साथ में जानकारी होने के बाद खलबली मच गई। स्थानीय लोगों ने बोरवैल में रस्सी डालकर उसकी गहराई और बच्चे की प्रतिक्रिया का अंदाजा लगाया। 95 फीट पर जाकर रस्सी अटक गई। खींचने पर खिंच नहीं रही थी। दोपहर तक सेना और एनडीआरएफ की टीम भी गांव में पहुंच गई। सेना ने जेसीबी से खोदाई कराने का काम शुरू कर दिया। सीसीटीवी कैमरे से बोरबेल में फंसे बच्चे की निगरानी की जा रही थी। दोपहर तीन बजे एनडीआरएफ की टीम ने बोरबेल में विशेष प्रकार का जाल रस्सी के सहारे फंसा दिया। साथ ही बच्चे से उसके स्वजन की बात कराई। पानी, ग्लूकोज और बिस्कुट भी रस्सी के सहारे से नीचे भेजकर खिलाए।शाम पांच बजे बच्चे को बाहर निकाल लिया गया


sources:JNN

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