क्या अब मुख्तार के बाद अतीक अहमद का नंबर ?

  

बांदा जेल में जैसे ही मुख्तार अंसारी के एंबुलेंस ने एंट्री की वैसी ही अपराध के दम पर हुकूमत चलाने वाली माफियाों की कई सल्तनत हिलने लगी।  26 महीने बाद मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाया गया। मुख्तार की हालत के बाद लगातार ये सवाल उठ रहा है कि अगला नंबर किसका? इसी सवाल के साथ दिमाग में कौंधने लगता है बाहुबली अतीक अहमद का नाम। उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने दावा किया है कि अब माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद को गुजरात से यूपी लाया जाएगा। 

250 से ज्यादा केस दर्ज

1989 में चांद बाबा की हत्या करवाने का आरोप अतीक अहमद पर है। 2002 में नस्सन की हत्या के बाद फिर अतीक का नाम उछला। 2004 में मुरली मनोहर जोशी के करीबी नेता अशरफ की हत्या की गई थी। इसमें भी अतीक अहमद का नाम सामने आया था। 2005 में राजू पाल की हत्या के मामले में भी अतीक अहमद आरोपी है। अतीक के खिलाफ अब तक 250 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। मायावती सरकार ने अतीक अहमद को मोस्ट वांटेड करार दिया था। अतीक अहमद पर एक दर्जन से ज्यादा केस  गैंगस्टर के तहत दर्ज हुए हैं। उस दौरान अतीक पर 20 हजार का इनाम भी घोषित हुआ था। 

राजनीति में एंट्री

अतीक अहमद पहली बार 1989 में इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक बना। साल 2004 तक वह छह बार चुनाव जीता और इसमें पांच बार इलाहाबाद पश्चिम सीट से विधायक और एक बार फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद। वर्ष 2004 में सपा के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले अतीक अहमद को 2014 के चुनाव में निराशा हाथ लगी। 

गुजरात की जेल क्यों भेजा गया

अतीक को यूपी की कोई जेल रखने को तैयार नहीं थी। 19 अप्रैल 2019 को चुनाव आयोग ने अतीक अहमद को देवरिया जेल से नैनी जेल में ट्रांसफर किया। बरेली जेल भी उसे रखने को तैयार नहीं थी। फिर 3 जून 2019 को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अतीक अहमद को गुजरात की जेल भेज दिया गया। अतीक अहमद को गुजरात की अहमदाबाद जेल में ट्रांसफर किया गया था। 

बहरहाल, फिलहाल जो तेवर योगी सरकार के दिख रहे हैं और जो तेवर अपराधियों पर सीधे प्रहार के दिख रहे हैं। उसमें अगला नंबर अतीक अहमद का हो सकता है। जो अभी भले ही यूपी से दूर गुजरात की जेल में है लेकिन उसे यूपी लाकर उसके गुनाहों का हिसाब होना बाकी है।