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देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने की घोषणा का स्वागत

  उत्तराखंड सरकार ने आज देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने का  ऐतिहासिक फैसला लिया है । ब्राह्मण समाज महासंघ उत्तराखंड इस निर्णय का स्वागत करता है।करीब 2 वर्ष पहले जब यह नया कानून उत्तराखंड राज्य की देवभूमि में बना तभी से ब्राह्मण समाज महासंघ लगातार इसका विरोध करता आया है । मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर व सड़क पर आकर तीर्थ पुरोहित समाज के लिए उनकी रक्षा के लिए  ब्राह्मण समाज महासंघ सदैव इस कार्य में अग्रणी रहा है।गत 5 सितंबर को  देवभूमि की राजधानी देहरादून में गांधी पार्क पर ब्राह्मण समाज महासंघ ने एक विरोध प्रदर्शन तीर्थ पुरोहित जनेऊ  खंडित करने व देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए किया था। आज सरकार के इस निर्णय से देवभूमि के पुरोहित व पंडा समाज के सम्मान की रक्षा हुई है ।हम आशा करेंगे कि देवभूमि की सरकारें तीर्थ पुरोहित समाज, ब्राह्मण समाज का सम्मान व उनकी भावनाओं की रक्षा करते हुए इसी तरह से भविष्य में भी कार्य करेंगे।महासंघ के संरक्षक श्री लालचन्द शर्मा जी ने श्री राम परशुराम मन्दिर में चतुर्वेद विधालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे सनातन धर्म के धर्म रक्षको व ब्राह्मण समाज महासंघ क

नए मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने संभाला पदभार, इन राज्यों में चुनाव कराने की जिम्मेदारी

  


देश के कई राज्यों में चुनाव चल रहे हैं। चुनावी माहौल के बीच चुनाव आयोग ने नए चीफ इलेक्शन कमिश्नर के नाम की घोषणा की। जिसके बाद सुशील चंद्रा ने आज देश के 24 वें मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण किया।  चंद्रा ने रिटायर हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा की जगह ली। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर कौन हैं देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा? ऐसे में आपको बताते हैं देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त के बारे में साथ ही उनके गुजरात कनेक्शन के बारे में भी। सुशील चंद्रा का जन्म 15 मई 1957 को हुआ। चंद्रा 1980 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। चंद्रा ने आईआईटी रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की है। इन्होंने देहरादून के डीएवी कॉलेज से एलएलबी भी की है। आईआरएस अधिकारी के तौर पर सुशील चंद्रा ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों में अपनी सेवाएं दी हैं। अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन और इन्वेस्टिगेशन के क्षेत्र में काम किया है। मुंबई में निदेशक और गुजरात में महानिदेशक रहते हुए उन्होंने संमृद्ध अनुभव हासिल किया है। 

सुशील चंद्रा ने प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य गुजरात में भी काम किया है। चंद्रा वहां महानिदेशक के पद पर तैनात थे। आईआईएम में बेंगलुरु, व्हार्टन जैसे शीर्ष संस्थानों से चंद्रा ने अलग-अलग तरह का प्रशिक्षण भी लिया है। उन्हें इंटरनेशनल टैक्शेसन का अच्छा जानकार माना जाता है। 

14 मई 2022 तक होगा कार्यकाल

निर्वाचन आयोग में सबसे वरिष्ठ आयुक्त को ही मुख्य निर्वातन आयुक्त बनाए जाने की परंपरा है। चंद्रा को संसदीय चुनाव से पहले 14 फरवरी 2019 को चुनाव आयुक्त बनाया गया था। सुशील चंद्रा इस पद पर 14 मई 2022 तक रहेंगे। 

इन राज्यों में चुनाव कराने की जिम्मेदारी

सुशील चंद्रा के कार्यकाल में गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे। गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड और पंजाब की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल मार्च की अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त होगा। 

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