PM मोदी ने किया बापू को नमन, ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम की शुरुआत की

 



  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि दी। अहमदाबाद हवाईअड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से साबरमती आश्रम पहुंचे जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। वह आश्रम में स्थित आवास हृदयकुंज भी गए जहां गांधी 1918 से 1930 तक अपनी पत्नी कस्तूरबा के साथ रहे थे। मोदी ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा कि यह महोत्सव हमारे स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति श्रद्धांजलि है। उन्होंने आगे लिखा, ‘‘साबरमती आश्रम आकर और बापू की प्रेरणा से राष्ट्र निर्माण का मेरा दृढ़ निश्चय और भी मजबूत हुआ है।’’ प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘‘महात्मा गांधी ने आत्म निर्भरता और आत्म विश्वास का संदेश यहीं से दिया था।’’ उन्होंने लिखा कि आजादी का अमृत महोत्सव हमारे लोगों द्वारा हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और स्वाधीनता संग्राम को श्रद्धांजलि है। इस समारोह के दौरान देश आजादी की लड़ाई के समय की न केवल सभी महत्वपूर्ण उपलब्धियों और महत्वपूर्ण कालखंड को याद करेगा बल्कि हमारे भविष्य के विकास के लिए नई ऊर्जा भी प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि बापू के आर्शीवाद से हम भारतीय अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे और इस अमृत महोत्सव के दौरान तय किए लक्ष्यों को भी प्राप्त करेंगे।’’

इसके बाद नरेन्द्र मोदी ने साबरमती आश्रम से पदयात्रा (स्वतंत्रता मार्च) को हरी झंडी दिखाई और आजादी की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित ‘‘अमृत महोत्सव’’से संबंधित कई कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। नरेंद्र मोदी ने 'आजादी का अमृत महोत्सव' वेबसाइट भी लॉन्च की। नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित ‘‘ आजादी का अमृत महोत्सव’’ कार्यक्रम की शुरुआत की।इससे पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि भारत के गौरवशाली इतिहास में 12 मार्च इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जब मैं सुबह दिल्ली से निकला तो, बहुत ही अद्भुत संयोग हुआ। अमृत महोत्सव के प्रारंभ होने से पहले आज देश की राजधानी में अमृत वर्षा भी हुई और वरुण देव ने आशीर्वाद भी दिया। आज आजादी के अमृत महोत्सव का प्रारंभ हो रहा है। अमृत महोत्सव 15 अगस्त, 2022 से 75 सप्ताह पूर्व आज प्रारंभ हुआ है और 15 अगस्त, 2023 तक चलेगा। हम सभी का सौभाग्य है कि हम आजाद भारत के इस ऐतिहासिक कालखंड के साक्षी बन रहे हैं। आज दांडी यात्रा यात्रा की वर्षगांठ पर हम बापू की इस कर्म स्थली पर इतिहास बनते भी देख रहे हैं और इतिहास का हिस्सा भी बन रहे हैं। मैं इस पुण्य अवसर पर बापू के चरणों में अपने श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। मैं देश के स्वाधीनता संग्राम में अपने आप को आहूत करने वाले, देश को नेतृत्व देने वाली सभी महान विभूतियों के चरणों में आदरपूर्वक नमन करता हूं।मोदी ने कहा कि Freedom Struggle, Ideas at 75, Achievements at 75, Actions at 75, और Resolves at 75, ये पांचों स्तम्भ आजादी की लड़ाई के साथ साथ आजाद भारत के सपनों और कर्तव्यों को देश के सामने रखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। आजादी का अमृत महोत्सव यानी- आजादी की ऊर्जा का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी - स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणाओं का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी - नए विचारों का अमृत। नए संकल्पों का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी - आत्मनिर्भरता का अमृत। आज़ादी के 75 साल का ये अवसर वर्तमान पीढ़ी को एक अमृत की तरह प्राप्त होगा। एक ऐसा अमृत जो हमें प्रतिपल देश के लिए जीने, कुछ करने के लिए प्रेरित करेगा

Sources:Agency News