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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

दो चुनाव पर्यवेक्षक पहुंचे पश्चिम बंगाल लेंगे तैयारियों का जायजा

  

नंदीग्राम /  पश्चिम बंगाल में तैयारियों का मुआयना करने दो विशेष चुनाव पर्यवेक्षक शुक्रवार को पूर्व मेदिनीपुर जिला पहुंचे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विशेष पर्यवेक्षक अजय नायक और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवके दुबे पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट, एसपी और चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। अधिकारी ने  कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घायल होने की घटना के बाद , हमें अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है।प्रधानमंत्री, गृह मंत्री जैसे कई वीवीआईपी चुनाव से पहले जिले में प्रचार के लिए आने वाले हैं और हमें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।’’ पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के समय अज्ञात लोगों द्वारा कथित तौर पर धक्का दिए जाने के बाद बनर्जी घायल हो गई थीं। पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से विधानसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं। यहां आठ चरणों में चुनाव संपन्न होगा।

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