निकिता मर्डर केस: तौसिफ के खिलाफ चार्जशीट होगी 'फूलप्रूफ', SIT कर रही यह मेहनत


 


फरीदाबाद पुलिस की एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम)  और सरकार निकिता हत्याकांड की अदालत में चार्जशीट दाखिल करने से पहले फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। बुधवार को इस मुद्दे पर करीब पांच घंटे तक एसआईटी और चंडीगढ़ से आए डिप्टी एडवोकेट जनरल ने चर्चा की। सीआईडी अधिकारियों ने भी एसअीईटी के साथ चर्चा की है। गुरुवार को अदालत में चार्जशीट दाखिल की उम्मीद है।


सरकार इस चार्जशीट के कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह फूलप्रूफ बनाना चाहती है। ताकि इस मामले को अदालत में साबित करने में कोई चूक न रह जाए। मंगलवार को पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने एसआईटी के साथ बैठक की थी तो बुधवार को डिप्टी एडवोकेट जनरल और सीआईडी अधिकारियों ने मंथन किया। सीआईडी प्रमुख आलोक मित्तल की भी इस चार्जशीट पर नजर है। पता चला है कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसआईटी के साथ चर्चा की है। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ जानकारी नहीं दी है। चार्जशीट में कम से कम तीन चश्मदीद हैं। वहीं इसमें वैज्ञानिक सबूत भी जुटाए गए हैं। आरोपी ने हत्याकांड को अंजाम देने से पहले रेकी भी की थी। इसका भी सबूत जुटाया गया है। 


मामा और चश्मदीद सहेली के पिता को मिलेगा शस्त्र लाइसेंस
इस मामले में मृतक के मामा हाकम सिंह और चश्मदीद के पिता को भी शस्त्र लाइसेंस मिलेगा। फरीदाबाद पुलिस ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है। इसमें लिखा है कि पुलिस दिन-रात मेहनत कर रही है। तफ्तीश अंतिम चरण में है। पुलिस सूत्रों का कहना है चार्जशीट लगभग तैयार कर ली गई है। एसआईटी ने मृतक के पिता के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। 


दो माह में फांसी की सजा की उम्मीद


उत्तर प्रदेश से बीजेपी विधायक संगीत सोम मंगलवार को निकिता तोमर के अपना घर सोसायटी स्थित घर शोक व्यक्त करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि दो माह के अंदर अदालत से दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी। संगीत सोम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि परिवार ने सरकार से कुछ मांगें की थीं। इनमें से कुछ मांगे मानी जा चुकी हैं। बाकी मांगें भी मान ली जाएंगी। इस बारे में वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात करेंगे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि निकिता तोमर का मामला लव जिहाद का नहीं है, बल्कि यह आतंक जिहाद है। आतंक जिहाद और जेहादियों को देश छोड़ना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। पिछले तीन दिन में इस तरह के देश भर में 100 मामले सामने आए हैं। उनके पास राजस्थान, झारखंड आदि प्रदेशों से काफी लोगों के फोन आए हैं। उन्होंने कहा कि लव जेहाद को लेकर सरकार इस बारे में कानून भी ला रही है। उन्होंने कहा कि इस जेहाद से बचने के लिए हमें परिवार से शुरुआत करनी होगी। 


निकिता ने दो वर्ष तक प्रताड़ना सही
विधायक ने कहा कि बच्चियों को इस आतंक जिहाद के बारे में समझाना होगा। इस परिवार ने इसकी शुरुआत कर दी थी। निकिता ने दो वर्ष तक प्रताड़ना सही। मगर, वह झुकी नहीं। दुर्भाग्य से निकिता को अपनी जान देनी पड़ी। निकिता ने समाज का नाम रोशन किया है। मुगलों के समय से ही हमारी माता-बहनों ने जौहर किए हैं। निकिता ने उसी परंपरा को कायम रखते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। पुलिस और सरकार ने बेहतर काम किया है। परिवार के लोग पुलिस के काम से खुश हैं। अब तो इस बात की लड़ाई है कि आगे से इस तरह की घटना न दोहराई जा सके। मगर, असली संतुष्टि तभी मिलेगी। जब आरोपियों को फांसी की सजा मिलेगी।


 


Sources:Agency News