मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस का राजभवन कूच आज



कांग्रेस को मुख्यमंत्री से संबंधित मामले में हाईकोर्ट के सीबीआइ जांच के आदेश से नया मुद्दा मिल गया। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने मुख्यमंत्री केंद्र सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर ताबड़तोड़ हमले बोले।




 


देहरादून / कांग्रेस को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से संबंधित मामले में हाईकोर्ट के सीबीआइ जांच के आदेश से नया मुद्दा मिल गया। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर ताबड़तोड़ हमले बोले। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे की मांग करते हुए पार्टी ने गुरुवार को राजभवन कूच करने का ऐलान किया। पार्टी ने राजभवन पर मुलाकात के लिए उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग को लेकर राजभवन में भी दस्तक देगी। सरकार के जीरो टॉलरेंस पर सवाल उठाती रही कांग्रेस ने हाईकोर्ट के आदेश को मुद्दा बनाने में देर नहीं लगाई। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में बुधवार को पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मीडिया से मुखातिब हुए। 



 

प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली सरकार का असली चेहरा सामने आ गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारों का दुरुपयोग कर आरोप लगाने वाले के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए त्रिवेंद्र रावत को पद से इस्तीफा देना चाहिए। भाजपा को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी यही अपेक्षा है। पार्टी को राज्यपाल से अपेक्षा है कि वह न्याय के पक्ष में खड़ी दिखाई दें। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि हाईकोर्ट का निर्णय एतिहासिक है।





कांग्रेस लोकायुक्त, भ्रष्टाचार के मामलों को लंबे समय से उठा रही है। उधर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि पार्टी ने राज्यपाल से गुरुवार को मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन नहीं मिला। ऐसे में पार्टी को गुरुवार को राजभवन कूच का निर्णय लेना पड़ा है। पार्टी ने राज्यपाल पर संवैधानिक दायित्व निष्पक्षता से नहीं निभाने का आरोप लगाया। राजभवन सूत्रों ने कहा कि राजभवन स्टाफ पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक गुरुवार को नैनीताल राजभवन शिफ्ट हो रहा है। राज्यपाल शुक्रवार को नैनीताल पहुंचेंगी। ऐसी स्थिति में किसी को भी मुलाकात का समय देने की व्यवस्था नहीं है।


Source:JNN