चार धाम यात्रा तक शुरू कर दी गई है तो पर्यटन स्थलों पर पाबंदी क्यों महाराज!


देहरादून / कोरोनावायरस घातक बीमारी ना पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले कर खासा नुकसान पहुंचाया है जिसके कारण देश में लाॅकडाउन किया गया। लेकिन अब धीरे-धीरे व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अनलाॅक 3 तक हम पहुंच गए। देवभूमि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा तक शुरू कर दी गई है लेकिन रविवार को की गई साप्ताहिक बंदी में पर्यटक स्थलों पर क्यों पहरे लगाए गए हैं यह बात समझ से परे हैं। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज लगातार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहे हैं। लेकिन जिस तरह से रविवार को हुई साप्ताहिक बंदी में पर्यटन स्थलों पर पुलिस की पहरेदारी दिखाई दी उससे आम जनता यही सवाल पर्यटन मंत्री से पूछती रही है कि महाराज पर्यटन स्थलों पर यह पहरे क्यों लगाए गए हैं। गौरतलब है कि कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए चार बार लाॅकडाउन और अनलाॅक का तीसरा चरण चल रहा है। आम जनता भी अब इतनी तो समझदार हो ही गई है कि कोरोना से बचने के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का फार्मूला ही बेहतर है क्या अभी सरकार ने जनता को इतना ना समझ समझा हुआ है कि वह इस संक्रमण की चपेट में आ जाएगी हैरानी की बात यह है कि पर्यटक स्थलों को तो पहले लगाकर लोगों की आवाज आई से बचाया जा रहा है लेकिन पब्लिक डीलिंग के विभागों में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं उनसे बचाव के लिए यहां पाबंदी क्यों नहीं लगाई जा रही नगर निगम के एक सेनेटरी इंस्पेक्टर के कोरोनावायरस संक्रमित होने के बाद निगम को 3 दिन के लिए बंद कर दिया गया था लेकिन आज से फिर खोल दिया गया सवाल उठता है कि सेनेटरी इंस्पेक्टर के संपर्क में ना जाने कितने कर्मचारी आए होंगे इसका क्या अधिकारियों को अंदाजा है पर्यटक स्थलों पर लोग सुकून की तलाश में जाते हैं जबकि प्रदेश में चार धाम यात्रा सुचारू रूप से चल रही है स्थानीय लोगों के लिए कोई पाबंदी नहीं है इसी तरह यदि पर्यटक स्थलों के लिए भी एक गाइडलाइन जारी कर दी जाए तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है यही नहीं सरकार को भी राजस्व का लाभ होगा।


Source :Agency news