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त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के दिए निर्देश

    नई दिल्‍ली /   सुप्रीम कोर्ट त्रिपुरा में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में राज्य पुलिस की कथित मिली-भगत और निष्क्रियता के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने सरकारों को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।  अधिवक्ता ई. हाशमी की ओर से दाखिल याचिका पर अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पैरवी की। उन्‍होंने सर्वोच्‍च अदालत से कहा कि वे हालिया साम्प्रदायिक दंगों की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। इस मामले में अब दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। भूषण ने कहा कि सर्वोच्‍च अदालत के समक्ष त्रिपुरा के कई मामले लंबित हैं। पत्रकारों पर यूएपीए के आरोप लगाए गए हैं। यही नहीं कुछ वकीलों को नोटिस भेजा गया है। पुलिस ने हिंसा के मामले में कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में अदालत की निगरानी में इसकी जांच एक स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की प्रति केंद्रीय एजेंसी और

तो क्या 30 नवंबर के बाद गरीबों को नहीं मिलेगा मुफ्त राशन ?

 


 खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि 30 नवंबर के बाद प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का विस्तार करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था अब सुधार की ओर बढ़ रही है। ऐसे में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार का कोई प्लान नहीं है। दरअसल, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा मार्च 2020 में कोरोना के कारण उत्पन्न संकट को दूर करने के लिए की गई थी। शुरू में यह योजना अप्रैल-जून 2020 की अवधि के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था। 


वहीं, खाद्य तेल की महंगाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि खाद्य तेल की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिल रही है। कई जगहों पर 20, 18, 10, 7 रुपये की तक की गिरावट देखने को मिल रही है। पाम, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और सभी प्रमुख तेलों में गिरावट देखने को मिल सकती है। बीते दिनों उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अडाणी विल्मर और रुचि सोया इंडस्ट्रीज सहित प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने थोक कीमतों में 4-7 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। उद्योग निकाय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने मंगलवार को कहा कि बाकी और कंपनियों के द्वारा भी इसी तरह का कदम उठाए जाने की उम्मीद है।


 एसईए ने कहा कि जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद), मोदी नैचुरल्स (दिल्ली), गोकुल रिफॉइल्स एंड सॉल्वेंट लिमिटेड (सिद्धपुर), विजय सॉल्वेक्स लिमिटेड (अलवर) गोकुल एग्रो रिसोर्सेज लिमिटेड और एनके प्रोटींस प्राइवेट लिमिटेड (अहमदाबाद) खाद्य तेलों की थोक दरों में कमी करने वाली अन्य कंपनियां हैं।इस साल घरेलू सोयाबीन और मूंगफली की फसल में तेजी आ रही है, जबकि सरसों की बुवाई की शुरुआती रिपोर्ट बहुत उत्साहजनक है और भरपूर रैपसीड फसल होने की उम्मीद है।


 इसके अलावा विश्व खाद्य तेल आपूर्ति की स्थिति में सुधार हो रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है। भारत अपनी 60 प्रतिशत से अधिक खाद्य तेलों की आवश्यकता को आयात के माध्यम से पूरा करता है। वैश्विक कीमतों में किसी भी वृद्धि का स्थानीय कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में आयात शुल्क में भारी कमी सहित कई अन्य उपाय किए थे, जिसके बारे में एसईए ने कहा कि इससे कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली है।



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