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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

जम्मू में शहीद हुए दोनों जवानों के पार्थिव शरीर लाए गए जौलीग्रांट एयरपोर्ट

 


  नई टिहरी/ चमोली।  जम्मू के पूंछ जिले के नाढ़खास में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए 17 गढ़वाल राइफल के दो जवान टिहरी गढ़वाल के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी और चमोली के राइफलमैन योगंबर सिंह का पार्थिव शरीर आज शनिवार जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लाए गए।टिहरी जनपद के नरेंद्रनगर ब्लाक के विमाण गांव निवासी 26 वर्षीय राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी पुत्र साहब सिंह के शहीद होने की खबर सुनते ही गांव में कोहराम मच गया। विक्रम पांच साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी। उनका एक डेढ़ साल का बेटा भी है। 

 


शहीद के माता-पिता और पत्नी गांव में ही रहते हैं। विक्रम अपने घर का इकलौता बेटा था। विक्रम इसी साल जुलाई में गांव आए थे और डेढ़ महीने की छुट्टी बिता कर गए थे। 22 अक्टूबर को विक्रम को फिर घर आना था।वहीं, चमोली जिले के ग्राम सांकरी निवासी 26 वर्षीय राइफलमैन योगंबर सिंह के शहीद होने की सूचना फोन पर मिलने के बाद से गांव में मातम छाया है। 

 


शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शनों के लिए गांव में लोग पहुंचे हैं। शहीद का पार्थिव शरीर के घर पहुंचने पर अंतिम संस्कार उनके पैतृक घाट त्रिवेणी निगोल नदी के तट पर ही किया जाएगा।

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