चमोली में फटा बादल, बाढ़ में बहीं मजदूरों की झोपड़ियां

 


  मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में पूरे हफ्ते बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसी बीच सोमचार को चमोली जिले में बादलों ने कहर बरपाया। पंंती कस्बे में बादल फटने से मंगरीगाड़ बरसाती नाला उफान पर आ गया।तेज बहाव में कर्णप्रयाग ग्वालदम हाईवे के पास लगी बीआरओ के मजदूरों की झोपड़िया बह गईं। अच्छी बात ये रही कि इस आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त घटना का संज्ञान लिया है।बाढ़ आ गई। जिससे कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे के किनारे बीआरओ के मजदूरों की सात झोपड़ियां बह गईं।बाढ़ से मजदूरों के 19 परिवार बेघर हो गए हैं। जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। एक दुकान में मलबा घुस गया है। कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए हैं।जब बाढ़ का पानी झोपड़ियाें की ओर आया तो मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने सभी बच्चों और महिलाओं को सैलाब से बचा लिया।सभी मजदूर नेपाल और झारखंड के हैं। मलबे से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे बंद हो गया है, जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं।पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। बचाव व राहत के कार्य जारी है। मजदूरों और उनके बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।