राकेश टिकैत बोले- अगला टारगेट मीडिया हाउस, बचना है तो साथ दे दो नहीं तो आप भी गए

 

 



केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का प्रदर्शन लगातार जारी है। पिछले 11 महीनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ किसान संगठन दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर लगातार बैठे हुए हैं। सोमवार को ही संयुक्त किसान मोर्चा का भारत बंद था। इसका प्रभाव कुछ इलाकों में देखने को भी मिला। इन सबके बीच आज किसान नेता राकेश टिकैत ने मीडिया हाउस को चेताया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सब लोग साथ दो। अगला टारगेट मीडिया हाउस है। आपको बचना है तो साथ दे दो नहीं तो आप भी गए।कहीं ना कहीं राकेश टिकैत का यह बयान मीडिया हाउस के लिए किसी धमकी से कम नहीं है। राकेश टिकैत लगातार किसान आंदोलन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में टिकैत ने यह भी कहा कि भाजपा को बेचने की बीमारी है। कानून बनाकर आधा देश बेच दिया। इससे पहले टिकैत ने कहा था कि तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन का अंत अदालत के हस्तक्षेप से नहीं बल्कि सरकार के साथ आपसी समझ से ही होगा। टिकैत ने युवाओं से अपने घरों से बाहर निकलने और क्रांति में शामिल होने की अपील की। टिकैत ने काह कि मुझे लगता है कि सरकार कानूनों और नीतियों में निरर्थक संशोधन कर रही है। सरकार देश के मूल्यवान संसाधनों को बेचना चाहती है, वे जमीन बेचना चाहते हैं। उन्होंने युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा, मुझे लगता है कि इससे आंदोलन को काफी मजबूती मिलेगी। टिकैत ने आरोप लगाया कि अगर सरकार संसाधनों को खत्म करना जारी रखती है, तो एक दिन भारत मजदूर कॉलोनी के रूप में जाना जाएगा और देश में केवल श्रमिक वर्ग रह जाएगा। भारतीय छात्र संसद सम्मेलन का आयोजन एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट द्वारा किया गया था।

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