पहाड़ी से भूस्खलन : रोडवेज बस पर मलबा गिरने से यात्रियों की मची-चीख पुकार

  


 उत्तरकाशी के जखोल से देहरादून जा रही उतराखंड परिवहन निगम की बस जखोल गांव के पास दुर्घटना होने से बाल- बाल बच गई। चालक की सूझबूझ के चलते बस दुर्घटना होने से बच गई और सवार सभी 20 सवारियां सुरक्षित बस से बाहर निकल पाई। सोमवार सुबह सात बजे उत्तराखंड परिवहन निगम की बस संख्या यूके 07-पीए 3525 जखोल से देहरादून की ओर आ रही थी। बस जखोल से कुछ दूर स्थित पांव गांव तक पहुंचने वाली थी कि इसी दौरान से पहाड़ी से भूस्खलन हो गया और बस से जा टकराया। जिससे बस गहरी खाई की ओर खिसकने लगी।इसी चालक ने सूझबूझ दिखाई खतरे को भांपकर बस को आगे बढ़ा ऊपर चटान की तरफ मोड़ दिया। घटना इस कदर भयावह थी कि कुछ देर सवारियों की सांसें थम गई। बस में सवार गंगा सिंह रावत ने बताया कि पंचगांई पट्टी के सांकरी-जखोल क्षेत्र में गत तीन दिन से भारी बारिश का सिलसिला जारी है। जिसके चलते जगह-जगह भूस्खलन होने से मोटर मार्ग पर कई जगह मलबा आने व दिवारें गिरने का खतरा बना है। सोमवार सुबह सांकरी व जखोल के बीच उत्तराखंड परिवहन निगम की बस में फिताडी लिवाडी,जखोल,धारा की लगभग 20 सवारी बैठी थी, यदि बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाती तो सभी की जान चली गई थी।वहीं जनक सिंह रावत, राजेंद्र रावत, रोहिताश सिंह, मीना रावत ने बताया कि चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों नें किसी तरह धक्का देकर बस मलबे से बहार निकाली। कहा कि जान‌ माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। ग्रामीणों नें लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से मोरी-सा़करी-जखोल मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त दिवारों व जगह-जगह आ रहे मलबा हटानें को मौके पर जेसीबी भेजने की मांग की।