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लगा है आना जाना..... अब टिहरी से भाजपा विधायक धन सिंह नेगी को रास आया हाथ

देहरादून: इस बार का विधानसभा चुनाव लगता है कांग्रेस और भाजपा दोनो के लिए डू एण्ड डाई बाला बन गया है। कई दिनों से लगातार कांग्रेस से भाजपा और भजपा से कांग्रेस मे आने का दौर जारी है। खैर दल-बदल की राजनीति तो आजकल सियासत की पाठशाला का ट्रेण्ड बन गया है।  लेकिन एक बात तो गौर करने वाली है कि मौजूदा सरकार के मंत्री या विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो जाहिर सी बात है कि एक्टिंग सरकार की वापसी दोबारा असंभव बन जाती है। आज ही कांग्रेस के दिग्गज किशोर उपाध्याय जहां भाजपा कुनबे में शामिल हो गये वहीं बड़ी खबर आ रही है कि अब टिहरी विद्यायक धन सिंह नेगी कांग्रेस में शामिल हो गये। उम्मीद की जा रही है कि वे टिहरी से कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते हैं। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं वैसे वैसे सियासी पारा उतार-चढ़ाव पर है। वैसे भी  उत्तराखंड का मौसम और सियासत का कुछ नहीं पता चलता कब क्या हो जाये कोई नहीं जानता। 

महामारी में भी कमाने के अवसर तलाश रहे,आर.टी.पी.सी.आर सैंपल की जांच में हुआ रैकेट का भण्डाफोड,मेडिकल कॉलेज में चल रहा था गोरख्र धन्धा

 


  इस महामारी में भी लोग कमाने के अवसर तलाशने में लगे हुये हैं। गौरतलब है कि दून मेडिकल कॉलेज ने एक ऐसे रैकेट का खुलासा किया है, जो बाहर से आरटीपीसीआर सैंपल जांच के दोगुने रुपये लेकर इनकी मेडिकल कॉलेज में मुफ्त जांच करा रहा था। इस धंधे में फिलहाल मेडिकल कॉलेज के कुछ स्टाफ के साथ ही एक प्राइवेट लैब के कर्मचारी का भी नाम सामने आया है। जानकारी के मुताबिक कल यानि बुधवार को दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने इस मामले की जांच को सीनियर प्रोफेसर नवीन थपलियाल की सदारत में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी। सूत्रों के हवाले से पता चला कि कि लैब में बड़ी संख्या में ऐसे सैंपल की खेप भी आ रही थी जिनके सैंपल दून अस्पताल से लिए ही नहीं जा रहे थे वल्कि एक प्राइवेट पैथालाजी का कर्मचारी डिमांड आने पर लोगों के घरों में जाकर आरटीपीसीआर सैंपल लेता था और इसके एवज में प्रत्येक व्यक्ति से 800 से 1200 रुपये तक वसूलता था, जबकि सरकार ने प्राइवेट लैब के सैंपल का दाम 500 रुपये निर्धारित किया है।

पैथालॉजी का स्टाफ इन सैंपलों को जांच के लिए दून अस्पताल भिजवाता था जो कि मेडिकल कालेज के स्टाफ की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था। दून मेडिकल कालेज में आरटीपीसीर सैंपलों की मुफ्त जांच होती है। लैब स्टाफ ने ऐसे 12 से ज्यादा व्यक्तियों के मोबाइल पर संपर्क किया जिनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे तो संबंधित लोगों ने बताया कि सहारनपुर रोड स्थित एक प्राइवेट पैथालाजी के कर्मचारी ने उनके सैंपल लिए थे। इसके बदले उसने उनसे दोगुना रुपये लिए थे। सूत्रों के मुताबिक एक मई को जांच लैब में सुबह साढ़े आठ बजे ही सैंपल पहुंच गए इतना ही नहीं बाकायदा लैब के रजिस्टर में इन्हें दर्ज भी किया गया था जबकि तब तक अस्पताल की लैब में सैंपल लेने शुरू भी नहीं हो पाए थे। इससे लैब के एचओडी का माथा ठनका तो उन्होंने इसकी पड़ताल कराई तो पता चला दून मेडिकल कॉलेज की लैब में तो अभी सैंपल लेने शुरू ही नहीं हुए। एचओडी ने जब लैब के स्टाफ से जानकारी ली तो उन्हें गोल मोल जवाब मिला। यह मामला मेरी जानकारी में भी आया है। प्रारंभिक पड़ताल में अभी मेडिकल कालेज के किसी कर्मचारी का नाम सामने नहीं आया है। जो भी इस धंधे में लिप्त है उनको चिन्हित किया जाएगा। दून मेउिकल कालेज के प्रचार्य ने बताया कि उन्होंने बुधवार को ही जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने के आदेश किए हैं।

डाण् आशुतोष सयाना प्राचार्य, दून मेडिकल कालेज


Sources:IndianIdol

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