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सरकार से बातचीत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने बनाई 5 लोगों की कमेटी, टिकैत बोले- हम कहीं नहीं जा रहे

  कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद आज संयुक्त किसान मोर्चा के अहम बैठक हुई। इस बैठक में आंदोलन संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही 5 लोगों की कमेटी बनाई गई है जो सरकार से एमएसपी और किसानों से केस वापसी जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगी। अब संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी। बैठक के बाद राकेश टिकैत ने बताया कि 5 लोगों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार से सभी मामलों पर बातचीत करेगी। अगली मीटिंग संयुक्त किसान मोर्चा की यहीं पर 7 तारीख को 11-12 बजे होगी। इस 5 लोगों की कमेटी में युद्धवीर सिंह, शिवकुमार कक्का, बलबीर राजेवाल, अशोक धवाले और गुरनाम सिंह चढुनी के नाम पर सहमति बनी है। बताया जा रहा है कि यह संयुक्त किसान मोर्चा की यह हेड कमेटी होगी जो किसानों से जुड़े मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसले लेगी। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बातचीत के लिए किसानों को नहीं बुलाया गया है। लेकिन जब भी सरकार की ओर से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा, यह 5 लोग ही जाएंगे। राकेश टिकैत की ओर से फिर दोहराया गया कि आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं होगा। उन

दाने-दाने को तरस रहा उत्तर कोरिया, तानाशाह किम की शुरू हुई कड़ी परीक्षा

 

 सियोल  /  उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने पहली बार देश के हालात की तुलना 1990 के अकाल से करते हुए बेहद गंभीर आर्थिक कठिनाइयों से लड़ने के लिए ‘‘कठिन मोर्चा’’ छेड़ने का आह्वान किया। किम ने इससे पहले कहा था कि उनका देश कोरोना वायरस महामारी, अमेरिकी प्रतिबंधों और प्राकृतिक आपदाओं सहित कई कारकों के चलते ‘‘सबसे खराब’’ स्थिति का सामना कर रहा है। हालांकि, यह पहली बार है जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से वर्तमान हालात की तुलना भीषण अकाल से की, जब लाखों लोग मारे गए थे। उत्तर कोरिया की निगरानी करने वाले समूहों ने फिलहाल बड़े पैमाने पर भुखमरी या मानवीय आपदा के संकेत मिलने की बात नहीं कही है, लेकिन किम की टिप्पणियों से लगता है कि वर्तमान हालात गंभीर हैं, जो उनके नौ साल के शासन में सबसे बड़ी परीक्षा है।कोरियाई सेंट्रल न्यूज के अनुसार किम ने गुरुवार को सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों से कहा, ‘‘हमारे सामने कई बाधाएं और कठिनाइयां हैं... मैंने अपने लोगों को राहत देने के लिए डब्ल्यूपीके (वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया) से सभी स्तरों पर अपनी केंद्रीय समिति और पार्टी के सेल सचिवों की राय लेने और एक कठिन मोर्चे के लिए तैयार रहने के लिए कहा है।’’ किम का यह भाषण सत्ता पक्ष के हजारों जमीनी सदस्यों के साथ एक पार्टी की बैठक के समापन समारोह में आया, जिसे सेल सचिव कहा जाता है।


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