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सरकार से बातचीत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने बनाई 5 लोगों की कमेटी, टिकैत बोले- हम कहीं नहीं जा रहे

  कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद आज संयुक्त किसान मोर्चा के अहम बैठक हुई। इस बैठक में आंदोलन संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही 5 लोगों की कमेटी बनाई गई है जो सरकार से एमएसपी और किसानों से केस वापसी जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगी। अब संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी। बैठक के बाद राकेश टिकैत ने बताया कि 5 लोगों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार से सभी मामलों पर बातचीत करेगी। अगली मीटिंग संयुक्त किसान मोर्चा की यहीं पर 7 तारीख को 11-12 बजे होगी। इस 5 लोगों की कमेटी में युद्धवीर सिंह, शिवकुमार कक्का, बलबीर राजेवाल, अशोक धवाले और गुरनाम सिंह चढुनी के नाम पर सहमति बनी है। बताया जा रहा है कि यह संयुक्त किसान मोर्चा की यह हेड कमेटी होगी जो किसानों से जुड़े मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसले लेगी। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बातचीत के लिए किसानों को नहीं बुलाया गया है। लेकिन जब भी सरकार की ओर से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा, यह 5 लोग ही जाएंगे। राकेश टिकैत की ओर से फिर दोहराया गया कि आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं होगा। उन

दिल्ली की जेल मे मिले 190 से अधिक कैदी संक्रमित

  


नई दिल्ली /  दिल्ली के तीन जेल परिसरों में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए 60 से ज्यादा कैदियों और 11 कर्मचारियों का इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बुधवार को इस बारे में बताया। महानिदेशक (जेल) संदीप गोयल ने बताया, ‘‘अब तक कुल 190 कैदी संक्रमित हुए हैं।’’ अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार तक दिल्ली की जेलों के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 78 है। इनमें जेल के 11 कर्मचारी शामिल हैं। गोयल ने कहा, ‘‘संक्रमण के 190 मामलों में से, 121 कैदी ठीक हो चुके हैं जबकि दो की मौत हो गयी।फिलहाल 67 उपचाराधीन मरीज हैं। जेल के 304 कर्मी अब तक संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 293 कर्मी ठीक हो चुके हैं और 11 का उपचार चल रहा है।’’ उन्होंने कहा कि मंडोली जेल के अधीक्षक और तिहाड़ जेल के दो डॉक्टरों समेत 11 कर्मी संक्रमित हुए हैं। रोहिणी जेल में संक्रमण का पहला मामला पिछले साल 13 मई को आया था। मंडोली जेल में 15 जून और चार जुलाई को एक-एक कैदी की मौत हो गयी। दोनों कैदी बुजुर्ग थे। अधिकारियों ने कहा था कि पिछले साल मार्च में महामारी की शुरुआत के बाद से जेल विभाग सतर्क है और कर्मचारियों से साफ-सफाई बनाए रखने तथा उचित दूरी का पालन करने को बार बार कहा गया। जेल परिसरों के भीतर कैदियों में भी जागरूकता फैलायी गयी थी।महामारी फैलने के बीच भीड़-भाड़ कम करने के मकसद से पिछले साल कुल 1184 दोषी और 5500 विचाराधीन कैदी जेल से रिहा किए गए थे। इससे पहले जेल अधिकारियों ने कहा था कि मंजूर परोल की अवधि बीतने के बाद कैदियों के वापस आने पर स्थिति को संभालना कठिन होगा।

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