कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए 62 करोड़ रुपये मंजूर

 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए 62 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति धनराशि में सर्विलांस, चिकित्सा व्यवस्था व अन्य कार्यों के लिए पहली किस्त के रूप में 36.90 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं।कुंभ मेला में सर्विलांस सिस्टम के अधिष्ठान तथा एसडीआरएफ के लिए 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही अन्य कार्यों के लिए 11 करोड़ 91 लाख की स्वीकृति के साथ ही पहली किस्त के रूप में 4 करोड़ 77 लाख जारी किए गए हैं। नगर निगम ऋषिकेश में सॉलिड वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य के लिए दो करोड़ 89 लाख की स्वीकृति के साथ ही पहली किस्त के रूप में 1.16 करोड़ जारी किए गए हैं।कुंभ मेले के 23 सेक्टरों में प्रस्तावित चिकित्सा व्यवस्थाओं के कार्य के लिए 27 करोड़ 43 लाख की स्वीकृति दी गई है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ 97 लाख की धनराशि जारी की गई है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कुंभ मेला 2021 के लिए ‘पेंट माई सिटी’ अभियान का ऋषिकुल तिराहे से शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आकर्षक पेंटिंग को देखकर श्रद्धालुओं के मन में हरिद्वार की अमिट छाप रहेगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से पेंटिंग कार्य करवाया जा रहा है। शुक्रवार को ऋषिकुल तिराहे पर आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि धार्मिक आस्था को भव्य, दिव्य और अलौकिक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव जागृत करना है। कुंभ मेला में सजावट कार्य का प्रमुख उद्देश्य हरिद्वार, उत्तराखंड और भारतीय संस्कृति को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत कर कुंभ मेला की महत्ता को स्थापित करना है।श्रद्धालुओं के घर तक पहुंचाएंगे गंगाजलगायत्री तीर्थ शांतिकुंज में देशभर से आए हजारों परिजनों ने शुक्रवार को पवित्र हवन कुंडों में विशेष आहुति डालकर कैलेंडर नववर्ष का अभिनंदन किया। इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या और संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि हरिद्वार में होने जा रहे महाकुंभ में कोविड-19 के कारण असंख्य श्रद्धालु गंगा दर्शन व स्नान के लिए कुंभनगरी नहीं पहुंच पाएंगे, ऐसी स्थिति में गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उन श्रद्धालुओं तक ‘आपके द्वार-पहुंचा हरिद्वार’ योजना के अंतर्गत हरिद्वार से गंगाजल लेकर उनके घरों तक जाएगा।नए साल के स्वागत पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें कई पारियों में साधकों ने गायत्री महामंत्र व महा मृत्युंजय मंत्र से विशेष आहुतियां डाली। देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान एवं शांतिकुंज परिवार ने गायत्री परिवार प्रमुख से भेंटकर नववर्ष के लिए विशेष मार्गदर्शन प्राप्त किया। साथ ही विभिन्न संस्कार बड़ी संख्या में संपन्न कराये।डॉ. प्रणव पंड्या और शैल दीदी ने कहा कि आगामी चार माह तक अखिल विश्व गायत्री परिवार के कार्यकर्ता ‘आपके द्वार-पहुंचा हरिद्वार’ अभियान के तहत कार्य करेंगे। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि वर्ष 2021 शांतिकुंज का स्वर्ण जयंती वर्ष है। इस वर्ष में देश-विदेश के लाखों युवाओं को रचनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। डॉ. पण्ड्या ने इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी का आवाहन किया।


Sources:AmarUjala