ट्रैक्टर रैली हिंसा: यूएस नगर के 400 किसान चिह्नित, दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड के तजिंदर विर्क पर दर्ज किया केस

  

उत्तराखंड में तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर विर्क पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया है। जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में उपद्रव करने वालों के खिलाफ 12 से अधिक मामलों में केस दर्ज किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।रुद्रपुर निवासी किसान तजिंदर विर्क तराई किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हैं। दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में वह तराई के किसानों की आवाज को लगातार बुलंद करते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में 25 जनवरी को रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में आयोजित रैली में शामिल होने गए थे।गणतंत्र दिवस पर निकली ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ किसानों ने लाल किले की ओर कूच कर दिया था। इस दौरान किसानों की पुलिस कर्मियों के साथ झड़प हुई थी। उपद्रव में विभिन्न इलाकों के 394 पुलिस कर्मी घायल हुए थे।दिल्ली पुलिस ने उपद्रव करने के मामले में 25 एफआईआर दर्ज कर 50 से अधिक किसान नेताओं को नामजद किया है। एसएसपी डीएम कुंवर ने बताया कि रुद्रपुर निवासी तजिंदर विर्क के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस मामले में नामजद किए गए आरोपियों को गिरफ्तार भी कर सकती है। 


निर्दोष किसानों पर दर्ज हुए हैं मुकदमें 

तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर विर्क का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने निर्दोष किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। उनका कहना है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर रैली निकाल रहे थे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 

ट्रैक्टर रैली में शामिल ऊधमसिंह नगर के 400 किसान चिह्नित 

ऊधमसिंह नगर जिले से दिल्ली गए 400 किसानों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। खुफिया विभाग और पुलिस की 12 से अधिक टीमें विभिन्न क्षेत्रों के किसानों पर निगरानी रख रही हैं। दिल्ली में हुए बवाल में यदि इन किसानों की लिप्तता मिलती है तो कार्रवाई हो सकती है। पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गणतंत्र दिवस पर जिले से बाजपुर से सबसे अधिक किसान दिल्ली में हुई ट्रैक्टर रैली में शामिल हुए थे। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुए बवाल के बाद पुलिस किसानों की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है। जिले में दिल्ली जैसी कोई घटना न हो, इसके लिए सभी सीमाओं को छावनी में तब्दील किया जा चुका है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा गश्त बढ़ाने और किसानों की हर गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है। अब तक जिले से दिल्ली गए 400 किसानों को चिह्नित कर लिया है। अन्य किसानों की सूची भी तैयार की रही है। एसएसपी ने बताया कि बाजपुर और जसपुर से सबसे अधिक किसान दिल्ली में हुई ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के लिए गए थे। इसके अलावा रुद्रपुर, काशीपुर, दिनेशपुर, गदरपुर, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा से भी किसान ट्रैक्टर और बसों से दिल्ली गए थे। जिले के किसानों का धरना और दिल्ली कूच अभी तक शांतिपूर्ण रहा है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं पोस्ट कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर भी खुफिया विभाग और पुलिस की स्पेशल टीमें नजर रख रही हैं। गलत सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कई लोगों को चिह्नित किया है। उन्होंने लोगों से गलत सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है। 


घोटालों की जांच कर रही एसआईटी भी सीमा पर तैनात 

जिले में हुए एनएच घोटाले, सिडकुल घोटाले और दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को भी एहतियात के तौर पर रामपुर सीमा पर तैनात कर दिया गया है। सीमा पर तैनात पुलिस के जवान सभी हरकतों पर नजर रख रहे हैं। रुद्रपुर से यूपी को जाने वाले सभी वाहनों की सीमा पर एंट्री की जा रही है। वहीं यूपी से आने वाली बसों को रोका जा रहा है। 

ऊधमसिंह नगर के तीन हजार किसानों पर पुलिस की नजर 

दिल्ली में हिंसा के बाद ऊधमसिंह नगर के लगभग तीन हजार किसानों पर पुलिस की पैनी नजर है। दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर एक-एक आंदोलनकारी किसान को चिह्नित किया जा रहा है। दिल्ली और उत्तराखंड की इंटेलीजेंस को भी सक्रिय किया गया है। साथ ही वायरल वीडियो के आधार पर बाजपुर के एक मुकदमे में भी आंदोलनकारी किसानों को चिह्नित किया जा रहा है।गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड के तीन जिलों ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में पुलिस ने अलर्ट जारी किया था। इंटेलीजेंस की जानकारियों के अनुसार दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ऊधमसिंह नगर जनपद से भी लगभग तीन हजार किसान गए थे। इस दौरान रास्ते में बाजपुर में भी किसानों की पुलिस से झड़प हुई थी। 25 जनवरी को ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में किसानों के एक दल ने बैरिकेडिंग पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया था। इसमें हजारों प्रदर्शनकारी शामिल थे। इसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास होता दिख रहा है। ऐसे में बाजपुर पुलिस ने अज्ञात किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दिल्ली हिंसा के बाद वहां की पुलिस और इंटेलीजेंस ने किसानों को चिह्नित करने के लिए मदद मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली पुलिस की हर संभव मदद की जा रही है। स्थानीय इंटेलीजेंस के इनपुट के आधार पर किसानों का चिह्नित किया जा रहा है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों से मिलान के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर हिंसा में शामिल किसानों की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही बाजपुर में दर्ज मुकदमे के लिए भी स्थानीय पुलिस और एलआईयू को लगाया गया है। मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

- अशोक कुमार, डीजीपी उत्तराखंड।