गाजियाबाद के श्मशान घाट पर छत गिरने से 24 लोगों की मौत, 17 जख्मी, मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

 

गाजियाबाद  / उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में रविवार को एक श्मशान घाट पर छत ढह जाने से 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हो गये। पीड़ितों में करीब सभी लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जब छत ढही, तो बारिश से बचने के लिए कई लोग इमारत के नीचे खड़े थे जिसे हाल ही में बनाया गया था। इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, वे सभी पुरूष और जयराम के रिश्तेदार या पड़ोसी थे, जिनका उस वक्त वहां अंतिम संस्कार हो रहा था। बचावकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए घंटों तक मलबा हटाते रहे कि कहीं कोई और उसमें न फंसा हो। यह हादसा मुरादनगर के उखलारसी में हुआ और इस घटना के बाद श्मशान घाट पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे। उसके बाद पुलिस पहुंची और फिर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाई पहुंची। सभी मलबे से मृतकों एवं घायलों को निकालने में जुट गये। 

गाजियाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने बताया कि इस घटना में 24 लोगों की मौत होने के अलावा 17 अन्य को घायल अवस्था में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। शाम तक उनमें से कम से कम 18 की पहचान कर ली गयी। मारे गये लोगों में उत्तर प्रदेश के मेरठ के जयवीर सिंह भी थे जो अपने भाई के ससुर के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। जयवीर सिंह के भाई उमेश कुमार ने कहा, ‘‘ हमें उन्हें बाहर निकालने में करीब डेढ़ घंटे लग गये। प्रशासन ने शवों को निकालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया। जयवीर इस दौरान मुझसे बात कर रहे थे। लेकिन वह बच नहीं पाये और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।’’ कुछ ने अस्पताल में सुविधाओं की कमी की शिकायत की और प्रशासन पर इस घटना से निपटने में निष्ठुर रवैये का आरोप लगाया। कुछ अन्य ने श्मशान घाट पर इस निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार को गिरफ्तार करने की मांग की।

जयवीर के एक अन्य रिश्तेदार ने कहा, ‘‘ यह शेल्टर अभी एक-दो महीने पहले ही बना था। पहली बारिश के बाद ही यह ढह गया। ठेकेदार को तत्काल सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए। ’’ शाम को ठेकेदार अजय त्यागी, नगरपालिका की कार्यकारी अधिकारी निहारिका सिंह, कनिष्ठ अभियंता चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष पर एक मृतक के बेटे की शिकायत पर भादंसं की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इस हादसे में दिल्ली के अरविंद कुमार की भी मौत हो गयी। उसके बड़े भाई राकेश कुमार ने कहा, ‘‘ हमारे लिए सब खत्म हो गया। मैंने अपने भाई को उसके मोबाइल पर फोन किया। किसी अन्य ने फोन उठाया और मुझे छत ढह जाने की सूचना दी। मैं घटनास्थल पर पहुंचा। मलबे से उसका शव निकालने में दो घंटे लगे। हमने उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसे शीघ्र ही मृत घोषित कर दिया गया।’’ 

इस घटना में घायल हो गये उधम सिंह (25) ने कहा, ‘‘ मैं पहले 20 मिनट तक बेहोश हो गया था। जब मुझे होश आया तब मैंने देखा कि मेरे दोस्त मुझे मलबे से निकाल रहे हैं। मुझे दर्द हो रहा है लेकिन आशा है कि मैं शीघ्र ठीक हो जाऊंगा।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख प्रकट किया। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’

आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मेरठ के संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्षेत्र) को इस घटना के बारे में रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है। केंद्रीय मंत्री और गाजियाबाद के सांसद वी के सिंह तथा पुलिस एवं नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय भाजपा विधायक अतुल गर्ग ने यहां सरकारी अस्पताल में कुछ घायलों से मुलाकात की।

Sources:Agency News