शाहीन बाग में गोली चलाने वाले कपिल गुर्जर पर भाजपा का यू-टर्न, फजीहत के बाद रद्द की सदस्यता

 

 

नयी दिल्ली  /  दिल्ली के शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हुए प्रदर्शन स्थल पर कथित रूप से गोली चलाने वाले कपिल गुर्जर के भाजपा में शामिल होने पर बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) और भगवा दल के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। बुधवार को भाजपा में शामिल होने के कुछ देर बाद ही पार्टी ने गुज्जर की सदस्यता को रद्द कर दिया। भाजपा नेता नीलकंठ बक्शी ने ट्वीट कर बताया कि कपिल गुर्जर की पहचान के बारे में उत्तर प्रदेश भाजपा की गाजियाबाद इकाई को जानकारी नहीं थी। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कार्रवाई की है और कपिल गुर्जर की सदस्यता रद्द कर दी गई है।

आज कुछ युवा भाजपा में शामिल हुए जिसमें कपिल गुर्जर भी शामिल था। उसके विवादित शाहीन बाग मामले की कोई जानकारी हमें नहीं थी। घटना की जानकारी होने पर कपिल गुर्जर का पार्टी में शामिल किया जाना तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है: महानगर अध्यक्ष, भाजपा, महानगर गाजियाबाद
 
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गाज़ियाबाद: शाहीन बाग में CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने वाले कपिल गुर्जर भाजपा में शामिल हुए।

 


आप ने गुज्जर को भाजपा में शामिल करने को लेकर भगवा दल पर प्रहार किया और कहा कि उसके इस कदम से राष्ट्रीय राजधानी में दंगे भड़काने की भाजपा की साजिश का भंडाफोड़ हो गया है। संवाददाता सम्मेलन में आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, शाहीनबाग में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने वाला कपिल गुज्जर भाजपा में शामिल हो गया और दिल्ली में दंगे कराने की भाजपा की साजिश का पर्दाफाश हो गया। भारद्वाज ने कहा, (दिल्ली में) चुनाव से 72 घंटे पहले दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि कपिल आप से जुड़ा हुआ है और भाजपा के प्रमुख जेपी नड्डा ने उसे आतंकवादी बताया था। आज वही भाजपा इस व्यक्ति का स्वागत कर रही है। उन्होंने कहा, आम आमदी पार्टी की तरफ से आज मैं भाजपा से पूछना चाहता हूं कि उनकी पार्टी में एक आतंकवादी क्यों शामिल हो रहा है। 

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, हमने उस दिन भी कहा था जिस दिन कपिल गुज्जर ने शाहीनबाग में गोली चलाई थी कि वह आम आदमी पार्टी का समर्थक है और आज हम फिर दोहराते हैं कि वह आप का समर्थक है। उन्होंने दावा किया, कपिल गुज्जर और आप के नेता संजय सिंह राजनीतिक सनसनी फैलाना चाहते थे। लेकिन वे जानते थे कि दिल्ली भाजपा में उसे शामिल कराने का प्रबंध करना असंभव है, तो उन्होंने खामोशी से उसे गाजियाबाद में भाजपा में शामिल करा दिया और इसके बाद इस पर मीडिया में ड्रामा किया। इस साल फरवरी में गुज्जर ने शाहीनबाग में हवा में दो गोलियां चलाई थी।

 

SOURCES:Agency News