बदहाल व्यवस्था सुस्त निजाम : अपनी बदहाली पर आंसू बहाता सैदपुर का राजकीय कन्या इंटर कॉलेज

 




सैदपर/  बदायूं /  नौनिहाल हमारे देश का भविष्य   है यह सब जानते हैं और यह भी जानते हैं  वह देश तेजी के साथ  तरक्की करता है जिस देश की चिकित्सा और शिक्षा दोनों ही अव्वल दर्जे की   होती है| लेकिन दुर्भाग्य है हमारे देश में चिकित्सा और शिक्षा दोनों ही बदहाल हैं| भले ही बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का बुलंदी के साथ नारा दिया जाता हो ,लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है| गौरतलब है कि सरकार ने स्कूलों को अपग्रेड तो कर दिया लेकिन व्यवस्था रामभरोसे है , कहीं छात्रों के लिए भवन नहीं है तो कहीं भवन के लिए छात्र ही नहीं है , कहीं अध्यापक ज्यादा है तो छात्र नहीं कहीं छात्र हैं तो अध्यापक नहीं | आपको बता दें कि ऐसा ही वाकया उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में नगर क्षेत्र समिति सैदपुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का है | यह स्कूल पहले जूनियर हाई स्कूल था लेकिन इसे अपग्रेड करके इंटर कॉलेज का दर्जा दे दिया गया है , यह कस्बे का एकमात्र राजकीय इंटर कॉलेज है जिसमें कस्बे की बेटियां अपना भविष्य तराश रही है | कहने को को इसकी बिल्डिंग बना दी गई लेकिन बदहाल व्यवस्था और सुस्त निजाम के  चलते यह राजकीय कन्या इंटर कॉलेज विकास की राह पर चलने को तरस रहा है , इस राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में तकरीबन 100 से ज्यादा छात्राएं हैं जिसमें से आधी से ज्यादा छात्राएं हायर एजुकेशन प्राप्त कर रही है लेकिन बेहद अफसोस जनक है स्कूल में मात्र तीन अध्यापिका  सौ छात्राओं के मुस्तकबिल का जिम्मा अपने कंधों पर लिए हुए हैं ! स्कूल में कोई भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं है जिसके चलते छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है , वही तीन अध्यापिका किस तरह से छात्राओं को शिक्षा प्रदान करती हैं यह भी बहुत सारे सवाल खड़े करता है ? हद तो तब हो जाती है जब  इंटर कॉलेज के मेन गेट से निकलने वाला रास्ता भी ठीक नहीं है ऐसे में छात्राओं को स्कूल आने जाने में बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता है| देखना यह है कि अपग्रेड करा हुआ है यह राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सिर्फ  कोरी घोषणाओं पर ही निर्भर रहता है या विभागीय अधिकारी भी इस तरफ ध्यान देंगे

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