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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

घर में घुसे बदमाशों ने दो महिलाओं की सिलबट्टे से की हत्या, बच्चों को भी मारा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से कई अपराध की घटनाएं सामने आती रही है लेकिन शनिवार की रात जिले के सरस्वती विहार में जो कुछ हुआ वो दिल दहला देने वाला था। इस खौफनाक वारदात से शहर में सनसनी मच गयी। मथुरा निवासी लोकमनी काफी समय से गाजियाबाद के एक मंदिर के पास टिक्की का ठेला लगाते थे। लंबे समये से तंगी में रहने के बाद पाई पाई जोड़कर उन्होंने दो महीने पहले ही सरस्वती विहार में घर लिया और चौपला बाजार से वहां शिफ्ट हो गये। उनके परिवार में दो बेटे सहित एक बहू और तीन बच्चे थे। शनिवार की रात इस खुशहाल परिवार पर एक काला साया आया और सब कुछ बर्बाद करके चला गया। 7 फरवरी को एक औरत और एक आदमी लोकमनी के घर आते हैं और घर में रखें पैसे और जैवर को लूट लेते हैं। परिवार के सदस्यों द्वारा रोके जाने पर घर की दो महिलाओं को मौत के घाट उतार देते हैं। इसके अलावा ये बदमाश बच्चों पर भी हमला करते है और उन्हें बुरी तरह से घायल कर देते हैं। पड़ोस में बच्चों को ट्यूशन बढ़ाने वाली महिला को घर से आवाजें आती है तो वह मौके पर आती है बशमाश पेनिक कर जाते हैं और घर के बच्चों को घायल छोड़ कर लूटपाट करके भाग जाते हैं। इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल जाती है आस-पास के लोग सहम जाते हैं क्योंकि कथित तौर पर कहा जा रहा है कि बदमाशों के पास पिस्तौल भी थी। घर में मौजूद दो महिलाओं की हत्या के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। अंशु और डॉली नाम की दो महिलाओं की शनिवार शाम उनके घर में हत्या कर दी गई थी, जबकि तीन बच्चे घायल हो गए थे। दोनों महिलाओं को मारने के लिए पेचकश, सिल बट्टे, चाकू और बंदूक का प्रयोग किया गया। इस वारदात की जांच करने के दौरान पुलिस ने कहा कि जिन महिलाओं को मारा गया वो अरोपियों को अच्छे से जानती थी इस लिए घर के अंदर बुलाया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने घटना का संज्ञान लिया और घटनास्थल का दौरा किया। मामले की जांच के लिए पुलिस ने पांच टीमें बनाई है जो हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। परिवार के सदस्यों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी जैसे साक्ष्य की जांच के बाद मुख्य आरोपी सोनू को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ितों की रिश्तेदार उमा जो सोनू के साथ लूटपाट करने के लिए घर में गयी थी, उसे भी पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों सिहानी गेट के निवासी हैं। Sources:Prabhashakshi Samachar

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